लोकसभा में सरकार का बयान: लघु वन उत्पादों पर MSP से आदिवासी आजीविका को मिल रहा बड़ा सहारा
प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन के तहत 87 MFPs पर MSP, 4,125 वैन धन विकास केंद्रों को मंजूरी

नई दिल्ली | 06 फरवरी 2026 | PIB केंद्र सरकार के आदिवासी मामलों के मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (PMJVM) के माध्यम से आदिवासी समुदायों के लिए आजीविका सृजन, लघु वन उत्पादों (Minor Forest Produce–MFP) की खरीद, मूल्य संवर्धन और विपणन को मजबूत किया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि मिशन के तहत लघु वन उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू किया गया है, जिससे वन उत्पाद संग्राहकों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सके।
सरकार ने यह भी बताया कि वर्ष 2013-14 में 10 उत्पादों से शुरू हुई यह व्यवस्था अब बढ़कर 87 लघु वन उत्पादों तक विस्तारित हो चुकी है।
MSP पर MFP खरीद को सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकारों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में वित्तीय सहायता दी जाती है। मंत्रालय के अनुसार, अब तक ₹319.65 करोड़ राज्य सरकारों को जारी किए जा चुके हैं।
मिशन के तहत वैन धन विकास केंद्र (Van Dhan Vikas Kendras–VDVKs) स्थापित किए जा रहे हैं, जहां आदिवासी स्वयं सहायता समूह (SHG) सामूहिक रूप से उत्पादों का मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और विपणन करते हैं।
मंत्रालय ने बताया कि 2019-20 से अब तक 4,125 VDVKs के लिए ₹61,212.7 लाख स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 12.33 लाख आदिवासी सदस्य जुड़े हैं।
इसके अतिरिक्त PM जनमन (PM JANMAN) के तहत 539 VDVKs के लिए ₹2,298.05 लाख जारी किए गए हैं, जिनमें लगभग 0.46 लाख सदस्य जुड़े हैं।
मंत्रालय ने बताया कि TRIFED द्वारा लघु वन उत्पादों के ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। तैयार उत्पादों की बिक्री “Tribes India” आउटलेट्स तथा tribesindia.com, ONDC, Amazon, Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी की जा रही है।
• MSP व्यवस्था 10 से बढ़कर 87 MFPs तक पहुंची
• ₹319.65 करोड़ रिवॉल्विंग फंड राज्यों को जारी
• 4,125 VDVKs को मंजूरी, 12.33 लाख आदिवासी जुड़े
• PM JANMAN के तहत 539 VDVKs को ₹2,298.05 लाख
(PNS)




